सुधीर चौधरी जीवनी । Sudhir chaudhary biography in hindi

राष्ट्रवादी पत्रकार सुधीर चौधरी के जीवन परिचय पर आज हम विस्तार से लेख लिखने जा रहे हैं।

यह लेख प्रतिभाशाली सुधीर चौधरी के आरंभिक जीवन उनकी – जीवन , शिक्षा , घर-परिवार और व्यवसाय को समग्र रूप से व्यक्त करने का प्रयास मात्र है।

वर्तमान समय में सुधीर चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।

उनकी पत्रकारिता से देश ही नहीं विदेशों में भी भारत के विषय में लोग जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। प्राइम शो डी.एन.ए के माध्यम से उन्हें जो प्रसिद्धि हासिल हुई , उन सभी पर गहन विस्तार से अध्ययन स्वरूप यह लेख है –

 

सुधीर चौधरी जीवन परिचय – Sudhir Chaudhary jivani

 

सुधीर चौधरी बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं उन्होंने अपने मेहनत और संघर्ष के बल पर आज वह प्रसिद्धि हासिल की है जो पत्रकारिता के क्षेत्र में जल्द प्राप्त नहीं होता। सुधीर जी न्यूज़ से संबंध रखते हैं ज़ी न्यूज़ पर आने वाला प्राइम शो डीएनए दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ।

वह इस शो के माध्यम से देश विदेश में राष्ट्रवादी पत्रकार के रूप में प्रसिद्ध हुए।

उन्होंने उन तथ्यों को उजागर किया जो राष्ट्र हित में हानिकारक हो।

उनके शो और विषय वस्तु से समाज के उन लोगों को तकलीफ होती है जो समाज को बर्बाद करने का षड्यंत्र दिन-रात करते हैं। कई मौके देखने को मिले हैं जब उन्हें पाकिस्तान या इस्लामिक स्टेटस आदि से प्रायोजित लोगों ने फोन आदि के माध्यम से धमकियां दी यह उनके राष्ट्रवादी और कर्मठ होने का प्रमाण है।

जन्म – 7 जून 1974

स्थान – मुजफ्फरपुर बिहार

नाम – सुधीर चौधरी

पिता का नाम –

माता का नाम –

धर्म – हिन्दू

पत्नी का नाम – निति चौधरी

पुत्र अथवा पुत्री – एक पुत्र

शिक्षा – कला स्नातक , पत्रकारिता में प्रशिक्षण

व्यवसाय – पत्रकारिता ( संपादक , एंकर )

रुचि –

  • पुरानी फिल्में और गाने सुनना ,
  • दार्शनिकों के विचारों का अध्ययन ,
  • खोजी प्रवृत्ति की पुस्तकों का अध्ययन ,
  • नए रिपोर्टरों का मार्गदर्शन करना।

 

आरंभिक जीवन

सुधीर चौधरी का आरंभिक जीवन बिहार के मुजफ्फरनगर जिले में बीता। यहां एक सामान्य बालकों की तरह उन्होंने अपने जीवन को जिया था।

आरंभिक शिक्षा मुजफ्फरपुर से प्राप्त की। उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली आए।

आरंभिक जीवन से ही उनके मन में पत्रकारिता के प्रति लगाव था।

कुछ ऐसे घटनाक्रम हुए , रैलियां और आंदोलन हुए , जिसको देखने के लिए स्वयं सुधीर चौधरी भी गए।

वहां उन्होंने रिपोर्टर की भूमिका को देखा , वह कितने भी बड़े व्यक्ति के सामने झुकता नहीं। अपने प्रश्नों को बिना पूछे तथा जवाब मिले संतुष्ट नहीं होता। इस अदम्य साहस के लिए , वह पत्रकारों की सराहना करते।

स्वयं बड़े होकर पत्रकार बनने की लालसा रखते।

दिल्ली से उन्होंने कला वर्ग से स्नातक किया। पत्रकारिता के लिए शिक्षा प्राप्त की और पत्रकारिता के क्षेत्र में आ गए ।

 

पत्रकारिता में आगमन

पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर कैरियर सुधीर चौधरी लगभग तीन दशक कार्य कर चुके हैं। विश्वविद्यालय तथा पत्रकारिता की शिक्षा पूरी कर वह पत्रकारिता जगत में आ गए थे।

वर्ष 1993 में ज़ी न्यूज़ की स्थापना की जा रही थी , उन्होंने बतौर रिपोर्टर जी न्यूज़ में काम किया। उन्होंने रिपोर्टिंग के क्षेत्र में अहम योगदान देते हुए कारगिल युद्ध तथा 2001 ने हुए संसद भवन हमले का जीवंत प्रसारण किया। इस प्रसारण से उन्हें प्रसिद्धि हासिल हुई।

उन्होंने निडरता के साथ अपने पत्रकार धर्म को निभाया।

अटल बिहारी वाजपेई तथा परवेज मुशर्रफ के साथ इस्लामाबाद वार्ता के लिए पत्रकार मंडल में सुधीर चौधरी भी शामिल थे। उन्होंने इस द्विपक्षीय वार्ता को अपनी रिपोर्टिंग का अंग बनाया।

पत्रकारिता के क्षेत्र में यह उनके पद को बताने के लिए काफी है।

वह इस समय तक प्रसिद्ध और ख्याति प्राप्त रिपोर्टरों में शुमार हो चुके थे।

वर्ष 2003 में ज़ी न्यूज़ से उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

सुब्रतो राय की कंपनी सहारा ने पत्रकारिता के क्षेत्र में एक न्यूज़ चैनल सहारा समय का शुभारंभ किया। इस चैनल में सुधीर चौधरी को प्रमुख पद दिया गया। उनकी रिपोर्टिंग यही नहीं रुकी व निरंतर आगे बढ़ती रही।

उन्होंने इंडिया टीवी मे कार्य किया।

उसके उपरांत लाइव इंडिया के लिए प्रधान संपादक के तौर पर कार्य किया।

सुधीर ने लाइव इंडिया को जमीनी स्तर से उठाकर ऊंचा दर्जा प्राप्त करवाया।

उनका आगमन वर्ष 2012 में ज़ी न्यूज़ में पुनः हुआ। यहां उन्होंने बतौर संपादक और न्यूज़ एंकर के रूप में कार्यभार संभाला। इस पद पर वर्तमान समय में भी कार्य कर रहे हैं।

जी न्यूज़ में कार्य करते हुए उन्होंने डी.एन.ए (DNA) प्राइम शो का संचालन किया। यह जनता के बीच काफी लोकप्रिय है। प्राइम शो ज़ी न्यूज़ पर प्रत्येक दिन रात 9:00 बजे प्रसारित किया जाता है।

इसकी टी.आर.पी ( TRP ) अन्य प्राइम शो से अधिक है।

इससे यह पता चलता है इनके शो को जनता के बीच कितना पसंद किया जा रहा है।

बतौर पत्रकार सुधीर चौधरी का कैरियर काफी सफल रहा।

इन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में जो मुकाम हासिल किया वह सभी पत्रकारों के लिए सुलभ नहीं है।

सरकार , पक्ष – विपक्ष आदि से ऊपर उठते हुए उन्होंने पत्रकार धर्म का निर्वाह किया।

यह उनके प्रसिद्धि का कारण है।

 

प्राइम शो डी.एन.ए

डी.एन.ए ज़ी न्यूज़ का अखबार है , जिसका प्रकाशन 2005 से जारी है। सुधीर चौधरी जब ज़ी न्यूज़ में पुनः 2012 में शामिल हुए।  उन्होंने डीएनए को टेलीविजन पर प्राइम शो के माध्यम से व्यक्त किया। इस शो के माध्यम से ज्वलंत मुद्दे और ऐसे विषयों को लेकर आते , जो समाज में लोकप्रिय हो जाते।

दर्शक उनके विषयों की सराहना करते हैं , उनका समर्थन करते।

वह विषय  राजनीतिक हो , धार्मिक हो , या आर्थिक हो कोई भी क्षेत्र हो समाज के लिए ध्यान देने वाली विषय होती है।

उन सभी को ज़ी न्यूज के डी.एन.ए प्राइम शॉ पर रखते हैं

डीएनए प्राइम शो में लगभग ढाई सौ सप्ताह सर्वाधिक टी.आर.पी प्राप्त की। मार्च 2020 में इसके दर्शक बढ़कर पांच करोड़ से ऊपर हो गए। पांच करोड़ दर्शक इस शो को एक महीने में देखते हैं।

इस शो की प्रसिद्धि से सुधीर चौधरी का राजनीतिक क्षेत्र में कद और बढ़ गया।

 

समाज के प्रति दृष्टिकोण

सुधीर चौधरी में समाजसेवा की भावना जन्म से ही थी। उन्होंने समाज के विभिन्न मुहिम में शामिल होकर इसे साबित किया है। विद्यालय के दिनों में भी वह सामाजिक कार्यों में अपना योगदान देते थे।

यहीं से उन्होंने समाज की स्थिति को दुनिया के सामने रखने की प्रेरणा हासिल की थी।

विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना भविष्य तलाशा। ज़ी न्यूज़ के रूप में उन्हें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए प्लेटफार्म मिल चुका था।

वह सामाजिक विषयों को बेवाकी से उठाते।

राजनीतिक दलों के सामने समस्या से निपटने की चुनौती पेश करते।

पत्रकारिता के क्षेत्र में उन्होंने निरंतर नए मुकाम हासिल किए। आज भी वह अपने पत्रकारिता को समाज कल्याण के लिए श्रेष्ठ मानते हैं। ज़ी न्यूज में रहते हुए उन्होंने समाज और देश के लिए अपनी रिपोर्टिंग को जारी रखा।

प्रतिदिन वह डी.एन.ए शो का आयोजन करते हैं।

जिसमें वह किसी एक ऐसे विषय को दर्शकों के सामने रखते हैं , जो वास्तव में समाज के लिए गहन चिंतन का विषय होता है।

सामान्य तौर पर कोई व्यक्ति उस पर ध्यान नहीं देता।

सुधीर चौधरी ऐसे ही विषयों को उजागर करते हैं।

लोग उन्हें राष्ट्रवादी पत्रकार के तौर पर स्वीकार करते हैं।

उनके द्वारा उजागर किए गए घटनाओं को दर्शक एक मुहिम के तौर पर शुरुआत करती है।

समाज से उन्हें जो प्राप्त हुआ है , वह समाज को ही समर्पित करने की भावना से कार्य करते हैं।

 

रिपोर्टिंग का क्षेत्र विषय वस्तु

रिपोर्टिंग के क्षेत्र (1993) में आने के बाद , सुधीर चौधरी ने एक सामान्य रिपोर्टर की भांति कार्य किया। उन्होंने उन सभी खबरों को कवर किया जो वर्तमान में घटती थी।

सुधीर चौधरी 2012 में जी न्यूज़ में पुनः शामिल हुए। यहां से उन्होंने editor-in-chief मुख्य संपादक तथा एंकर के रूप में कार्य संभाला।

यहां से उनकी रिपोर्टिंग की दिशा राष्ट्रवाद को समर्थन करती है।

उन्होंने देश के हित में अपने न्यूज़ को मोड़ दिया। उनके न्यूज़ की विषय-वस्तु राष्ट्रहित होती है। जहां भी राष्ट्र के विरोध में गतिविधियां चलती है , या कोई षड्यंत्र , उसको उजागर करते हैं।

जी न्यूज़ प्रत्येक दिन डी.एन.ए प्राइम शो का आयोजन करते हैं।

जिसमें उनकी रिपोर्टिंग की विषय-वस्तु राष्ट्रहित होती है।

सामाजिक , राजनीतिक , आर्थिक तथा धार्मिक रूप से हो रहे दुर्व्यवहार , षड्यंत्र , क्षति , कट्टरता आदि को उजागर करते हैं। उनके पीछे कार्य करने वालों को बेनकाब करते हैं। ज़ी न्यूज़ ने प्राइम शो के माध्यम से अनेक ऐसे घटनाओं विषयों को उजागर किया , जिसका समाज से सीधा संबंध होता है।

 

सुधीर चौधरी से जुड़े विवाद

जब कोई व्यक्ति प्रसिद्ध होता है , उसकी ख्याति बढ़ने लग है , तो ज्वलनशील लोग सामने आते हैं। समाज के ऐसे लोग ताक में रहते हैं , वह कैसे उन्हें नीचे गिरा है।

समाज में बेइज्जत करे और लोगों में ईर्ष्या का भाव जगाए।

पत्रकारिता के क्षेत्र में सुधीर चौधरी का कद निरंतर बढ़ता जा रहा है।

दर्शकों तथा समाज के माध्यम से उन्हें बड़ी मात्रा में सम्मान प्राप्त होता देख। आलोचकों और विरोधियों की धड़कनें बढ़ती है।

सुधीर चौधरी के खिलाफ पत्रकारिता का दुरुपयोग और अवैध वसूली आदि का मनगढ़ंत आरोप लगाते हुए FIR करवाया। कोर्ट – कचहरी आदि कहीं भी यह साबित नहीं हो सका , सुनील चौधरी ने पत्रकारिता का दुरुपयोग किया।

यह सब साजिश के तहत उनके ऊपर आरोप लगाए गए थे।

अतः उन्हें भारतीय संविधान तथा कोर्ट ने संरक्षण दिया और उनके ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों को समाप्त कर उन्हें सम्मान दिया।

 

वामपंथी – कट्टरपंथी के निशाने पर

सुधीर चौधरी वामपंथी और कट्टरपंथीयों को सदैव उजागर करते रहते हैं। उनके नापाक इरादों , विचारों को जनता के सामने रखते हैं। जनता को बेवकूफ बनाकर यह लोग किस प्रकार स्वयं ऐश – मौज की जिंदगी जीते हैं , आदि को उजागर किया।

जिसके कारण वामपंथी और कट्टरपंथी सदैव उन्हें अपना दुश्मन मानते हैं।

समाज के बीच रहकर वह समाज को तोड़कर राष्ट्र की क्षति पहुंचाने के फिराक में सदैव रहते हैं। एक पत्रकार के रूप में सुधीर चौधरी इसे उजागर करते हैं तो यह देश विरोधी विचारधारा के लोगों को नागवार गुजरता है।

ऐसा कोई पत्रकार होगा जो पत्रकारिता के क्षेत्र में इनके नापाक इरादों को व्यक्त करता होगा।

यही कारण है सबसे अधिक जोखिम पर सुधीर चौधरी रहते हैं।

ज़ी न्यूज़ पर वह शाम डी.एन.ए प्राइम शो लेकर आते हैं , जो किसी एक विशेष विषय पर आधारित होता है। जिसमें देश विरोधी ताकतों को बेनकाब किया जाता है। धर्म , समाज , जाति को आधार बनाकर यह शक्तियां कुचाल चलती है।

इसे उजागर करते हुए वह जनता के सामने बातों को रखते हैं।

इसके विषय

  • राजनीतिक चाल ,
  • सत्ता का दुरुपयोग,
  • वैश्विक समस्या ,
  • धार्मिक समस्या ,
  • आर्थिक समस्या,
  • सामाजिक समस्या।
  • धर्म की आड़ में एजेंडा चलाना ,
  • लव जिहाद ,
  • गजवा हिंद ,
  • इस्लामिक स्टेट की विचारधारा ,
  • जमीन जिहाद

आदि विषय होते हैं।

मई 2020 में सुधीर ने अपने ज़ी न्यूज़ पर प्राइम शो डी.एन.ए. के माध्यम से जमीन जिहाद का उजागर किया था। उन्होंने किस प्रकार छल – बल और राजनीतिक लाभ लेते हुए जमीन के भूभाग को एक वर्ग द्वारा निरंतर कब्जा करने को उजागर किया था।

इस पर उन्हें देश विरोधी ताकतों से धमकियां मिलनी आरंभ हो चुकी थी।

उनके खिलाफ अनेकों एफ आई आर (FIR) देश के अलग-अलग राज्यों में कराई गई।

उनके फोन पर पाकिस्तान तथा इस्लामिक स्टेट से फोन करके क्षति पहुंचाने की धमकी दी गई।

इस प्रकार की धमकियां किसी भी वेवाक और निडर पत्रकार के लिए उपहार स्वरूप होता है।

समाज में जो सच बोलता है उसे धमकियां मिलना आम बात है।

सुधीर चौधरी का विरोध

सुधीर चौधरी की प्रसिद्धि राष्ट्रवादी पत्रकार के रूप में। वह किसी भी विषय को वेवाकी से जनता के सामने रखते हैं। जिसके कारण एक पक्ष उनसे सदैव नाराज रहता है। उनके शो कोई पुरस्कार प्राप्त करने तथा किसी विशेष वर्ग को प्रसन्न करने के उद्देश्य से नहीं होते।

जो सच होता है वह यथावत प्रस्तुत करते हैं।

अनेकों ऐसी घटना है जब जी न्यूज के पत्रकारों को तथा सुधीर चौधरी को व्यक्तिगत रूप से इन वर्गों तथा जन समुदाय का विरोध झेलना पड़ा।

नागरिकता अधिनियम कानून ( CAA , NRC ) के विरोध में दिल्ली का शाहीन बाग केंद्र बन गया था। यहां से प्रेरणा लेकर पूरे देश में इस मॉडल को अपनाते हुए विरोध किया जा रहा था। अन्य विरोध स्थल शाहिनबाग को समर्थन दे रहे थे।

उनका मानना था जब तक शाहिनबाग का प्रदर्शन खत्म नहीं हो जाता वह अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। शाहीन बाग के उग्र प्रदर्शनकारी सरकार से बातचीत करने तक को तैयार नहीं थे।

देश विरोधी ताकतें इसके पीछे कार्य कर रही थी।

इस आंदोलन में पत्रकारिता का अधिकार केवल उन पत्रकारों को था जो उनके समर्थन में थे।

सुधीर चौधरी जब प्रदर्शनकारियों के बीच जाने की कोशिश कर रहे थे।

उन्हें प्रदर्शन स्थल से दूर रोक दिया गया। उनसे बात करने को मना कर दिया गया। ज़ी न्यूज़ के पत्रकारों कि कैमरे छीने गए , कितनी ही बार उन्हें रिपोर्टिंग करने से रोका गया। इस प्रकार के विरोधों का सामना सुधीर चौधरी अनेकों अवसर पर करते रहते हैं।

सुधीर चौधरी को मिले पुरस्कार और सम्मान

सुनील चौधरी पत्रकारिता के क्षेत्र में जिस प्रकार से प्रतिष्ठित हैं वह किसी पुरस्कार अथवा सम्मान के मोहताज नहीं है। दर्शकों ने उन्हें अपने दिल में स्थान दिया है यह किसी के लिए भी गौरव की बात है। कई ऐसे क्षण देखने को मिले हैं जब सामाजिक तौर पर उन्हें आवश्यकता महसूस होती है समाज मजबूती के साथ खड़ा मिलता है।

उन्हें कुछ विशेष पुरस्कार हासिल है जो इस प्रकार है –

रामनाथ गोयंका अवॉर्ड –  पत्रकारिता के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए यह सम्मान दिया जाता है। इस समारोह आयोजन वर्ष में एक बार किया जाता है।

 

सुधीर चौधरी जीवन घटनाक्रम

7 जुलाई 1974 – जन्म मुजफ्फरपुर बिहार

1993 – ज़ी न्यूज़ से रिपोर्टर के तौर पर जुड़े

1999 – ज़ी न्यूज़ में रहते हुए कारगिल युद्ध को निडरता के साथ रिकॉर्ड किया

2001 – सितंबर में हुए भारतीय संसद पर आतंकी हमले को सजीव रूप से प्रसारित किया। हमले के समय संसद भवन में मौजूद थे।

2003 – जी न्यूज से इस्तीफा देकर सहारा समय के लिए काम करने लगे

2004 – अटल बिहारी वाजपेई और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री परवेज मुशर्रफ इस्लामाबाद वार्ता की अहम रिपोर्टिंग की।

2012 – न्यूज़ में प्रमुख संपादक और एंकर के तौर पर शामिल हुए।

2012 – झूठे आरोपों के कारण 14 दिन न्यायिक हिरासत में रहे। ( यह देखें )

11 मई 2020 – जम्मू कश्मीर और पूरे भारतवर्ष में इस्लामीकरण तथा जमीन जिहाद को डी.एन.ए प्राइम शो में उजागर किया।

मई 2020 – सुधीर चौधरी के खिलाफ रिकॉर्ड 6 से अधिक राज्यों में 100 से ज्यादा FIR एक दिन में कराए गए।

2020 – डी.एन.ए प्राइम टाइम शो टी.आर.पी के मामले में सबसे आगे रहा। 5 करोड़ से ज्यादा दर्शक प्रत्येक महीने जुड़े।

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