मिताली राज जीवन परिचय ( बचपन, करियर, संघर्ष, कमाई )

इस आर्टिकल में हम मिताली राज का जीवन परिचय जानेंगे। हम उम्मीद करते है की आपको यह लेख अवश्य ही पसंदआएगा और आप उनके जीवन से अवश्य ही प्रेरणा लेंगे।

हमारे देश में महिलाओ तथा लडकियों को शुरुआत से ही उनकी असल काबिलियत से कम ही आंका जाता है। इसी मानसिकता के कारण बहुत से बेटियों को देश के लिए कुछ करने और अपना नाम रौशन करने से रोका जाता है। लेकिन यदि इनी बेटियों को बेटो को मिलले वाले मौको के आधे मौके भी मिले तब। यही बेटिया देश के नाम के साथ साथ अपने परिवार का नाम भी रौशन कर दिखाएगीम हमारे इस देश में जहा शुरुआत से ही ये मानसिकता बनी हुई है, की बेटिया तो सिर्फ चूल्हा चौका करने के लिए ही बनी हुई है।

उसी देश कुछ बेटिया ऐसी भी है जिन्होंने इन दोगली मानिसकता को मुहतोड़ जवाब देते हुए। अपने जीवन में बहुत बड़े बड़े काम किये है। इस आर्टिकल में हम देश की ऐसी ही बेटी के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। जिन्होंने बहुत साधारण परिस्थितियों से अपने जीवन की शुरुआत करते हुए आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान तक का सफर तय किया है।

मिताली राज का बचपन तथा परिवार

महिला क्रिकेट की सचिन कही जाने वाली मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर सन 1982 को राजस्थान के जोधपुर में हुआ था। मिथाली के पिता का नाम दोरज राज और उनकी माँ का नाम लीला राज है, वैसे मिथाली के साथ उनके परिवार में उनके माता – पिता के अलावा उनके बड़े भाई भी है जिनका नाम मिथुन राज है। मिताली के पिता Indian Air Force में आँध्रप्रदेश में वारंट ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे, जिसके बाद वो आंध्र बैंक में कार्यरत है। मिथाली की माँ भी Engineering instruments division of Lawrence and Mayo के पद पर कार्य करती थी। देखा जाए तो शुरुआत से ही माता – पिता दोनों के नौकरी करने से परिवार के आर्थिक हालात स्थिर थे। चलिए अब हम मिथाली राज की शिक्षा तथा शुरुआत जीवन के बारे में जानते है।

 

मिताली राज की शिक्षा तथा शुरुआत जीवन

मिथाली वैसे तो अपने घर में अपने भाई से छोटी थी, इसलिए मिथाली को उनके माता – पिता से अधिक लाड़ प्यार मिला था। मिथाली ने अपनी शुरूआती पढाई Keyes High School For Girls, Secunderabad से दसवी तक की थी। इसके बाद उन्होंने अपनी 12 कक्षा की पढाई Kasturba Gandhi Junior College for Women, Secunderabad से की थी।

हम आपको बता दे की मिथाली ने क्रिकेट में करियर बनाने में व्यस्तता के चलते 12 तक की ही शिक्षा ग्रहण की है, मिथाली को शुरुआत से ही कई तरह के खेलो में रूचि थी। लेकिन उन्हें क्रिकेट के खेल में बल्लेबाजी सबसे अधिक पसंद थी।

बस फिर क्या था, माता – पिता के दिल के करीब होने की वजह से उन्होंने मिथाली को कभी भी आगे बढने के लिए मना नही किया। जिसके बाद से मिताली ने 10 वर्ष की उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। शुरुआत में मिथाली को उनके बड़े भाई द्वारा क्रिकेट सीखने का मौका मिला था।

 

मिताली राज का क्रिकेट करियर

चूँकि मिथाली को उनके परिवार के साथ सतह उनके भाई से भी आगे बढने के लिए पूरा सहयोग मिल रहा था, इसलिए मिथाली ने भी क्रिकेट में ही अपना करियर बनाने की ठान ली थी। मिथाली ने क्रिकेट अकेडमी ज्वाइन की थी, यहा पर उनके कोच संपत कुमार थे। जिन्होंने मिथाली को क्रिकेट हर गुर सिखाये और कड़ी मेहनत करने के लिए मिथालो को हर दिन प्रेरित करते थे।

यह मिथाली की मेहनत का ही परिणाम था की उन्हें डोमेस्टिक क्रिकेट में रेलवे की ओर क्रिकेट खेलने का मौका मिला था, डोमेस्टिक क्रिकेट में मिथाली ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया था।

चलिए अब हम मिथाली के आगे के करियर के बारे में जानते है। 

  • मिथाली की कड़ी मेहनत और बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर मात्र 17 वर्ष की उम्र में इंडियन महिला क्रिकेट टीम में हो गया था।

  • 26 जून, साल 1999 में मिथाली राज ने आयरलेंड के खिलाफ अपना मैच खेला जिसमे उनोने नाबाद 114* रनों की पारी खेली थी।

  • इसके बाद जनवरी साल 2002 में मिथाली राज ने इंग्लैड के खिलाफ अपना पहला मैच खेलते हुए टेस्ट क्रिकेट में अपना डेब्यू किया था।

  • साल 2005 में मिताली को उनके अच्छे प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कप्तान बना दिया गया।

  • मिथाली ने अपनी कप्तानी में साल 2005 में अपनी टीम को क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुचाया था।

  • 5 अगस्त साल 2006 को मिथाली राज इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 में अपना डेब्यू किया।

लेकिन दुर्भाग्य से मिथाली टायफाईड की बीमारी के चलते अपनी टीम के लिए फाइनल मैच नही खेल पायी थी। यही वजह ही थी की फाइनल में पहुचने के बाद भी वह अपनी टीम को जीता नही सकी थी। हालाँकि उन्होंने अपनी मेहनत और अपने प्रदर्शन के दम पर सभी का दिल जीत लिया था।

 

मिताली राज के रिकार्ड्स और मान सम्मान

मिथाली राज भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वो खिलाड़ी है। जिनकी प्रतिभा और प्रदर्शन को अवार्ड्स से आँका नही जा सकता है। वह अपने जीवन उनकी ही जैसा लांखो लडकियों को जीवन में आगे बढने के लिए प्रेरित करती है।

चलिए हम मिथाली के द्वारा बनाने गये कुछ रिकार्ड्स पर एक नजर डालते है।

  • मिथाली राज को भारतीय महिला क्रिकेट टीम की लेडी तेंदुलकर कहा जाता है। मिथाली के नाम तीनो फॉर्मेट ( ODI, T-20, Test ) में सबसे अधिक रन है।

  • साल 2017 में मिताली ने वर्ल्ड कप के दौरान सबसे अधिक अर्धशतक लगाने का रिकोर्ड भी अपने नाम किया है।

  • मिथाली राज भारत की पहली तथा विश्व की 5 वी महिला क्रिकेटर है, जिन्होंने वर्ल्ड कप में 1000 रन बनाये है।

  • मिथाली राज के नाम भारतीय महिला क्रिकेट के लिए सबसे अधिक मैच खेलने जाने का रिकार्ड है।

  • वर्ष 2003 में मिथाली राज को Arjuna अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

  • 2015 में मिथाली राज को पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया है।

  • वर्ष 2017 में मिथाली राज को Youth Sports Icon of Excellence अवार्ड से सम्मानित किया गया है।

  • 2017 में मिथाली राज को Vogue Sportsperson of the Year से भी सम्मानित किया गया है।

  • वर्ष 2017 में ही BBC ने मिथाली राज को शीर्ष 100 महिलाओ की सूचि में स्थान दिया है।

 

मिताली राज का निजी जीवन

हम आपकी जानकारी के लिए बता दे की मिथाली वर्तमान में अविवाहित है। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा की उन्हें उनकी जिन्दगी में अकेले होने से कोई शिकायत नही है। वह अपनी मर्जी से अपने जीवन को व्यतीत कर रही है।

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निष्कर्ष

मिथाली राज एक ऐसा नाम है, जो भारतीय समाज में लडकियों के प्रति फैली हुई भ्रांतियों के खिलाफ मजबूत पक्ष लेता है। मिथाली राज उन लांखो लडकियों के लिए प्रेरणा और उदहारण का स्त्रोत है, जो अपने जीवन में बहुत ऊंचाईयो पर पहुचना चाहती है।

जो अपनी काबिलियत से अपने समाज और अपने देश का नाम रौशन करना चाहती है। हमे पूरी उम्मीद है की आपको मिथाली राज का जीवन परिचय पर यह आर्टिकल अवश्य ही पसंद आया है। कृपया इस आर्टिकल Mithali Raj Biography In Hindi को अपनी उन बहनों के साथ भी अवश्य शेयर करे, जो की जीवन में आगे बढना चाहती है। हम उम्मीद करते है की भारत की हर बेटी मिथाली से प्रेरित होकर अपने नाम के साथ साथ अपने देश का नाम भी रौशन करे।

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