महेंद्र सिंह धोनी जीवनी ( बचपन, करियर, रिकॉर्ड्स, कमाई )

आज के इस लेख में हम महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय तथा उनकी बायोग्राफी जानेंगे।

हमारे देश में रोज हजारो बच्चे बड़े होकर क्रिकेटर बनने के सपने संजोते है। लेकिन बहुत कम ही ऐसे सितारे होते है, जो अपने टेलेंट के दम पर क्रिकेट जगत में अपनी गहरी और कभी न मिटने वाली छाप छोड़ जाते है। क्रिकेट के खेल की ख़ास बात यह है की हमारे देश में इस खेल को खेल नही बल्कि एक धर्म की तरह पूजा जाता है। तथा इस खेल को खेलने वाले क्रिकेटरों को किसी भगवान् से कम नही आँका जाता है।

लेकिन इस मुकाम पर पहुचने के लिए कितनी ही कठिनाईयो का सामना करना पड़ता है।

क्रिकेट जगत में असल में नाम कमाने के लिए किस्मत से ही कही अधिक टेलेंट और कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। जो आपको क्रिकेट की दुनिया में एक सफल क्रिकेटर बनाने के लिए जिम्मेदारी होती है। वैसे तो इस क्रिकेट जगत में बहुत से महान खिलाड़ी है, लेकिन एक ऐसे खिलाड़ी है, जो आज उस हर एक युवा की प्रेरणा है। जो स्वयं को भविष्य में एक उभरता हुआ क्रिकेटर बनता हुआ देखना चाहता है। उस महान का क्रिकेटर का नाम महेंद्र सिंह धोनी है, जो की हमारे भारतीय क्रिकेट जगत के सबसे महानतम और सबसे पसंदीदा खिलाडियों में से एक है।

महेंद्र सिंह धोनी का बचपन तथा परिवार

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई सन 1981 को रांची ( बिहार ) में हुआ था। जो वर्तमान में झारखण्ड में है, धोनी का परिवार एक बेहद ही माध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। धोनी के पिता का नाम पान सिंह धोनी था जो की Mecon में बतौर पंप ऑपरेटर काम करते थे और  उस जगह तथा मैदान के रखरखाव का कार्य करते थे, धोनी की माता का नाम देवकी देवी था।

धोनी के अलावा उनकी एक बहन भी है, जिनका नाम जयंती गुप्ता है, शुरुआत से ही धोनी का परिवार बेहद ही मध्यमवर्गीय परिवार था तथा आर्थिक हालात शुरुआत से ही बहुत ज्यादा अच्छे नही थे। हमने अभी महेंद्र सिंह धोनी के बचपन के बारे में जाना। जब उनका परिवार शुरुआत में अपने संघर्ष के दिनों से गुजर रहा था, चलिए अब हम महेंद्र सिंह धोनी की शिक्षा तथा उनके शुरुआती जीवन के बारे में जानते है।

 

महेंद्र सिंह धोनी की शिक्षा तथा शुरूआती जीवन

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी शुरूआती पढाई DAV Jawahar Vidya Mandir, Ranchi से की थी, जो की उनके घर के पास ही थी। धोनी को अपने स्कूल के समय से ही कई तरह के खेलो में रूचि रही है, जैसे की धोनी को फूटबाल के साथ साथ बेडमिन्टन खेलने का भी शौक था। हम आपको बता दे की महेंद्र सिंह धोनी शुरू से ही पढाई में एक औसत स्टूडेंट ही रहे है। लेकिन उनके जीवन में एक क्रिकेट तब आया जब उनके स्कूल के समय में ही उन्हें उनके टीचर के द्वारा स्कूल की क्रिकेट टीम में विकेट कीपिंग करने का सुझाव दिया था।

जो की धोनी काफी रोचक लगा था, जिसके बाद से धोनी ने अपने स्कूल की क्रिकेट टीम के लिए विकेट कीपिंग करना और क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। यही से महेंद्र सिंह धोनी के मन में क्रिकेट को लेकर बहुत गहरी रूचि बन गयी थी। उन्हें स्कूल के दिनों में क्रिकेट के अवलावा और कुछ भी नही सूझता था, चलिए अब हम महेंद्र सिंह धोनी के क्रिकेट करियर के बारे में जानते है। जब उन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल होने के लिए शुरुआती संघर्ष किया था।

 

महेंद्र सिंह धोनी का शुरूआती संघर्ष तथा क्रिकेट करियर

चूँकि महेंद्र सिंह धोनी अपने स्कूल टीचर के सुझाव पर स्कूल की क्रिकेट टीम में विकेट कीपिंग के साथ साथ क्रिकेट भी खेल रहे थे। क्रिकेट में धोनी की रूचि यही से दृढ़ता हासिल करने लगी थी, इसके बाद धोनी ने कमांडो क्रिकेट क्लब को ज्वाइन किया और अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर धोनी को साल 1997 – 98 के दौरान वीनू मांकड़ ट्राफी अंडर – 16 चैंपियनशिप के में खेलने के लिए चुना गया था। यहा धोनी ने अपने बेहतरीन खेल से सभी को बहुत प्रभावित किया था, इसके बाद जब धोनी ने 10 वी कक्षा पास की।

उसके बाद से धोनी अपना अधिकतर समय क्रिकेट खेलने में ही बिताते थे, चूँकि उनके परिवार की आर्थिक हालत अच्छी नही थी। इसलिए उन्होंने रेलवे में टीसी के पद के लिए परीक्षा दी, जिसमे धोनी को चुन लिया गया था। इसके बाद धोनी के संघर्षपूर्ण और चुनौती भरे जीवन की शुरुआत हुई, जब धोनी खडकपूर के रेलवे स्टेशन पर टीसी की नौकरी के साथ साथ क्रिकेट में आगे बढने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। धोनी साल 2001 से साल 2003 तक रेलवे में एक टीसी के रूप में काम किया था। चूँकि धोनी को क्रिकेट खेलना पहुत अधिक पसंद था, इसलिए अब धीरे धीरे उनका काम में मन नही लगता था।

जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट में ही अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया था।

कुछ तथ्य

  • महेंद्र सिंह धोनी अपने अच्छे प्रदर्शन के दम पर साल 2000 से 2003 तक रणजी ट्राफी का हिस्सा बने रहे।

  • साल 2003 में धोनी को उनके अच्छे प्रदर्शन के दम पर India A टीम के सदस्य के रूप में चुना गया था।

इस सीरिज में धोनी का प्रदर्शन बहुत ही शानदार रहा था, जिसमे उन्होंने पहले मैच में अर्धशतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को जीत दिलाने में मदद की और उसके बाद दो शक्त जमाकर पूरी सीरिज पर ही कब्ज़ा कर लिया था। इसके सौरव गांगुली और संदीप पाटिल की नजर धोनी के प्रदर्शन पड़ी और उन्होंने धोनी को भारतीय वनडे टीम में खलने के लिए चुन लिया था।

  • साल 2004 – 2005 में धोनी को बांग्लादेश दौरे के के लिए भारतीय वनडे टीम के सदस्य के रूप में चुना गया था।

  • इसके बाद धोनी को आगे खेलने के लिए पकिस्तान के खिलाफ खेलने वाली वनडे टीम में चुन लिया गया था।

  • धोनी ने पकिस्तान के खिलाफ अपने 5 वे मैच में शतक जमाकर क्रिकेट जगत में अपने खेल का शानदार प्रदर्शन किया।

इसके बाद से अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर महेंद्र सिंह धोनी निरंतर ही भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा है। उन्होंने साल 2011 के WorldCup  में भारत को अपनी कप्तानी में जीत दिलायी थी और उसके बाद साल 2013 की चैंपियंस ट्राफी में भी भारत को इंग्लैंड के खिलाफ बेहतरीन तरीके जीत दिलाई और ट्राफी अपने नाम की थी। चलिए अब हम धोनी अवार्ड्स और कुछ रिकार्ड्स के बारे में जानते है।

 

महेंद्र सिंह धोनी के रिकार्ड्स तथा मान सम्मान

धोनी ने अपने बेहतरीन खेल से देश के हर कोने में अपने प्रशंशक बनाये है जो धोनी को बहुत अधिक पसंद भी करते है। चलिए अब हम धोनी के रिकार्ड्स और उनको प्राप्त हुए मान – सम्मान के बारे में जानते है।

  • साल 2018 में धोनी को पद्म भूषन से सम्मानित किया गया है।

  • इसके बाद धोनी को साल 2009 में पद्म श्री के पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

  • धोनी को साल 2007–08 में राजीव गाँधी खेल रत्ना पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

  • धोनी को साल 2008 – 09 के लिए ICC ODI Player of the Year चुना गया था।

  • इस दुनिया में धोनी ऐसे तीसरे कप्तान है, जिन्होंने अपनी कप्तानी में 100 मैचो में जीत हासिल की है।

  • धोनी ने इंडिया के लिए नम्बर 6 पर खेलते हुए सबसे अधिक 4031 बनाये है।

  • धोनी क्रिकेट में पहले भारतीय और पांचवे ऐसे खिलाडी है, जिन्होंने 200 से अधिक छक्के लगाने का रिकार्ड अपने नाम किया है।

  • उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की पारी खेली थी जो किसी भी विकेटकीपर ने अभी तक खेली है।

हम कभी भी महेंद्र सिंह धोनी के खेल और उनके प्रदर्शन की तुलना अवार्ड और उनके रिकार्ड्स से नही कर सकते है। क्योकि धोनी ही वो भारतीय क्रिकेटर है जिन्होंने भारतीय क्रिकेट के विकास में बहुत अहम भूमिका निभाई है।

 

महेंद्र सिंह धोनी का निजी जीवन

हम आपकी जानकारी के लिए बता दे की महेद्र सिंह धोनी और साक्षी दोनों की लम्बे समय तक रिलेशन में रहे जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2010 में साक्षी धोनी से शादी कर ली थी,  धोनी की एक बेटी भी है जिसका नाम जीवा धोनी है।

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निष्कर्ष

वर्तमान में भारत का हर एक बच्चा जो क्रिकेट में अपना करियर बनाना चाहता है।

वो अवश्य ही महेंद्र सिंह धोनी और उनके जीवन से प्रेरित होता है। महेंद्र सिंह धोनी ने अपने प्रदर्शन से और अपने व्यक्तित्व से भारतीय क्रिकेट के लिए जितना भी अमूल्य योगदान दिया वह कभी नही भूला जा सकता है। हमें पूरी उम्मीद है की आपको महेंद्र सिंह धोनी की बायोग्राफी तथा महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय अवश्य ही पसंद आया है। यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा तो कृपया आप इस आर्टिकल को अपने उन दोस्तों के साथ अवश्य ही साझा कीजियेगा जो क्रिकेट में गहरी रूचि रखते है।

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